आज हम आपसे चर्चा करने जा रहे हैं एक दीवाने की दीवानियत फिल्म के बारे में। अब हम आपसे एक दीवाने की दीवानियत फिल्म के बारे में बात करें तो अभिनेता हर्षवर्धन राणे की फिल्म एक दीवाने की दीवानियत सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई हैं। इस फिल्म में हर्षवर्धन के साथ सोनम बाजवा नज़र आई हैं। वहीं फिल्म को लेकर काफी दिनों से बज बना हुआ था।
दीवाली का अवसर आया और इस अवसर पर बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मे आई थी। जिसमें पहली फिल्म हैं थामा और दूसरी हैं एक दीवाने की दीवानियत। वहीं इस साल जब अभिनेता हर्षवर्धन राणे की फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ री-रिलीज़ हुई तब दर्शकों ने उसको खूब प्यार दिया।
जबकि फिल्म साल 2016 में पहली बार रिलीज़ हुई थी तब ये फिल्म सिनेमाघरों में नहीं चली थी। इस बार हर्षवर्धन ने बार-बार कहा की इस बार सिनेमाघर की टिकट जरुर खरीद लेना और अभी हर्षवर्धन अपनी फिल्म एक दीवाने की दीवानियत को लेकर आए हैं जिसमें उनके साथ सोनम बाजवा हैं।
क्या हैं ‘एक दीवाने की दीवानियत’ फिल्म की कहानी?- Kya hain ‘Ek Deewane ki deewaniyat’ film ki kahani?
अभी हम आपको बता देते हैं की आखिर क्या हैं एक दीवाने की दीवानियत की कहानी। विक्रमादित्य भोंसले की जो मुख्यमंत्री बनने की तैयारी में हैं। एक दिन उसकी नज़र सुपरस्टार एक्ट्रेस अदा रंधावा पर पड़ती हैं। पहली नज़र में विक्रमादित्य को उससे प्यार हो जाता हैं।

जल्द ही प्यार दीवानगी में बदलता हैं। अदा को विक्रमादित्य से प्यार नहीं हैं। उससे परेशान होकर अदा, मंच पर ऐलान करती हैं की विक्रमादित्य को जो मारेगा, उसके साथ वह एक रात गुजारेगी।
इस फिल्म को मिलाप जावेरी ने डायरेक्ट किया हैं और फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले भी डायरेक्टर मिलाप जावेरी ने मुश्ताक शेख के साथ मिलकर लिखा हैं। यह कहानी अच्छी लगती अगर इसे पिछली सदी के आठवें दशक में रखा गया होता।
आज के दौर में यह कहानी हजम नहीं होती, जहाँ लड़की, लड़के को मारने की सुपारी खुले आम मंच पर देती हैं। पुलिस और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहता हैं। विक्रमादित्य से परेशान अदा की मदद पुलिस और प्रदेश का मुख्यमंत्री तक नहीं कर पाते हैं।
जानिए थामा फिल्म की कहानी के बारे में।
हर्षवर्धन की दीवानगी काम में झलकती- Harshvardhan ki deewangi kam mein jhalakati
अभिनय को लेकर हर्षवर्धन की दीवानगी उनके काम में झलकती हैं। उन्होंने अपना रोल शिद्दत से निभाया हैं। सोनम बाजवा सुंदर लगी हैं और अपने रोल में जंची हैं। विक्रमादित्य के पिता के रोल में सचित खड़ेकर का रोल अधूरा हैं।

दोस्त के रोल में शाद रंधावा शुरु से अंत तक फिल्म में नज़र तो आते हैं, लेकिन क्लाइमेक्स को छोड़कर उन्हें कुछ खास करने को नहीं मिलता हैं। कुल मिलाकर यह कहा जाता हैं की फिल्म को केवल हर्षवर्धन अपने कंधों पर लेकर आगे बढ़े हैं।
इस फिल्म को लेकर बज काफी बना हुआ हैं और इसका मुकाबला आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना स्टारर थामा से हैं। ऐसे में देखना यह हैं की फिल्म आने वाले दिनों बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल करती हैं।
आवश्यक जानकारी:- भागवत फिल्म की कहानी के बारे में।
निष्कर्ष- Conclusion
ये हैं एक दीवाने की दीवानियत फिल्म से संबंधित जानकारियाँ हम आपसे आशा करते हैं की आपको जरुर पसंद आई होगी। इस जानकारी से आपको एक दीवाने की दीवानियत फिल्म की कहानी से संबंधित हर प्रकार की जानकारियाँ प्राप्त होंगी।
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