ठहराव वाला हैं विजय-फातिमा का इश्क

Vineet Bansal

आज हम आपसे चर्चा करने जा रहे हैं गुस्ताख इश्क फिल्म के बारे में। अब हम आपसे गुस्ताख इश्क फिल्म के बारे में बात करें तो सिनेमाघरों में विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की मचअवेटिड फिल्म गुस्ताख इश्क दस्तक दे चुकी हैं। इस फिल्म को मनीष मल्होत्रा ने प्रोड्यूस किया हैं और इसको विभु पुरी ने डायरेक्ट किया हैं।

पीरियड फिल्म ‘हवाई जादा’ और वेब सीरिज़ ‘ताज़ डिवाइडेड बाय ब्लड’ के बाद विभु पुरी ने गुस्ताख इश्क का लेखन और निर्देशन किया हैं। दिल्ली से पंजाब आती-जाती यह प्रेम कहानी ठहराव के साथ चलती हैं। यहाँ पर दिल्ली की पुरानी गलियों से लेकर पंजाब की हरियाली और सर्दी का अहसास हैं।

क्या हैं गुस्ताख इश्क फिल्म की कहानी?- Kya hain gustakh ishq film ki kahani?

इस फिल्म की कहानी 1998 में दिल्ली के दरियागंज से आरम्भ होती हैं। नवाबुद्दीन सैफुद्दीन रहमान उर्फ पप्पन अपने माँ और छोटे भाई जुम्मन के साथ तंगहाली में जीवन व्यतीत कर रहा हैं। वह कर्ज में डूबे अपने मरहूम पिता की आखिरी निशानी प्रिटिंग प्रेस को बचाना चाहता हैं। इस पर बवासीर, मर्दानगी के नुस्खे आदि के पोस्टर छपकर जीवन यापन कर रहा हैं। सड़कछाप लेखक फारुख से शायर अजीज का नाम सुनने के बाद पप्पन उसकी किताब छापना तय करता हैं। वह अजीज से मिलने मलेरकोटला जाता हैं।

Kya hain gustakh ishq film ki kahani

उसकी मुलाकात अजीज की बेटी मिन्नी से हो जाती हैं। वह बताती हैं की अजाज जिन्हें सभी प्यार से बब्बा बुलाते हैं, वह अब नहीं लिखते हैं। पप्पन हार नहीं मानता हैं। वह अजीज से मिलकर शायरी सीखने के बहाने उनका शार्गिंद बन जाता हैं। पप्पन का उनसे करीबी रिश्ता बन जाता हैं। शायरी सीखने के साथ मिनी उर्फ मन्नत को अपना दिल दे बैठता हैं।

स्कूल में शिक्षक मिनी का भी अतीत होता हैं। ये दोनों धीरे-धीरे करीब आ जाते हैं। अजीज अपनी शायरियों को छपवाने से साफ मना करते हैं। इसी बीच जुम्मन झूठ बोलकर उसको दिल्ली वापस ले आता हैं। वह छपाईखाने को बेचना चाहते हैं।

पप्पन को अपनी अम्मी से अजीज के बारे में पता चलता हैं, जो उसके अब्बू के अजीज दोस्त हुआ करते थे। उसको उनकी जिंदगी की कुछ सच्चाइयों के बारे में पता चल पाता हैं। आखिरी कोशिश की उम्मीद में वह वापस बब्बा के पास आ जाता हैं।

जानिए स्ट्रेंजर थिंग्स वेब सीरिज़ की कहानी के बारे में।

फिल्म में बब्बन की जीवन का संघर्ष- Film mein babban ki jivan ka sangharsh

इस फिल्म में अर्से बाद शायरी सुनने को मिलती हैं, लेकिन कहीं-कहीं यह उस स्तर की नहीं लगती जिस अव्वल दर्जे का शायर अजीज को बताया गया हैं। मिनी का अपने शौहर से तलाक हो चुका हैं पर कहानी उसके बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं देती हैं।

Film mein babban ki jivan ka sangharsh

आर्थिक तंगी में जी रहे बब्बन की आँखों के ऑपरेशन के बाद मिन्नी अपनी नौकरी छोड़ देती हैं। ऐसे में लाइब्रेरी के लिए लोन को मिन्नी कैसे चुकाएगी इन सब प्रसंगों को बहुत सतही तौर पर दिखाया गया हैं।

इस फिल्म के निर्माता प्रख्यात फैशन डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा हैं। बतौर निर्माता यह उनकी पहली फिल्म हैं। मनीष के करीबी दोस्त फिल्ममेकर करण जौहर हैं। करण की फिल्मोंं में फैशन डिज़ाइनर मनीष का जिक्र कई बार आया हैं।

ऐसे में मनीष भी अपने दोस्त को याद करना नहीं भूले हैं। इस फिल्म के एक संवाद में करण की फिल्म कुछ कुछ होता हैं के गाने तूझे याद न मेरी आए का जिक्र किया गया हैं। इस फिल्म का आकर्षण कई नयनाभिरामी दृश्य हैं। सिनेमेटोग्राफर मानुषनंदन दिल्ली से पंजाब के बीच कई मनोरम और एरियल दृश्यों को अपने कैमरे में खूबसूरती से कैद करते हैं।

आवश्यक जानकारी:- डायनिंग विद कपूर्स वेब सीरिज़ की कहानी के बारे में।

निष्कर्ष- Conclusion

ये हैं गुस्ताख इश्क फिल्म से संबंधित जानकारियाँ हम आपसे आशा करते हैं की आपको जरुर पसंद आई होगी। इस जानकारी से आपको गुस्ताख इश्क फिल्म की कहानी से संबंधित हर प्रकार की जानकारियाँ जरुर प्राप्त होंगी।

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