आज हम आपसे चर्चा करने जा रहे हैं धुरंधर फिल्म के बारे में। अब हम आपसे धुरंधर फिल्म के बारे में बात करें तो आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर अभी रिलीज़ हुई हैं। रणबीर सिंह और अक्षय खन्ना ने फिल्म में वो कमाल किया हैं, जिसे देखने के बाद दर्शकों के होश उड़ गए हैं।
करीब छह साल पहले निर्देशक आदित्य धर ने उरी हमले के बाद पाकिस्तान में घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर फिल्म उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक बनाकर भारतीय सुरक्षा तंत्र के दृढ़ संकल्प और बदला लेने की क्षमता को परदे पर प्रभावी ढ़ंग से बताया था।
अभी धुरंधर के साथ वे एक बार फिर वास्तविक घटनाओं से प्रेरित कहानी को बड़े कैनवास पर लाए हैं। इस बार वे कहानी की जड़े और गहरी करते हुए भारत-पाक रिश्तों में पिछले कई दशकों से चले आ रहे तनाव, पड़ोसी देश द्वारा किए गए हमलों और उनसे उपजे सामरिक दबावों को एक सघन नाटकीय ढांचे में गूंथते हैं।
इस फिल्म की शुरुआत कंधार हाइजैक, संसद हमला जैसी घटनाओं से होती हैं, जहाँ हर बार भारत की राजनीतिक विवशता और सीमित प्रतिक्रियाओं ने सीमापार आतंकियों के हौंसले बढ़ाए हैं। तभी खुफिया एंजेसियों ने मुंहतोड़ जवाब देने का प्रयास किया हैं। यहीं से यह फिल्म ‘धुरंधर’ ऑपरेशन की नींव रखती हैं, एक ऐसा मिशन हैं, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान के आतंकी ढांचे में अंदर तक सेंध लगाना हैं।
क्या हैं धुरंधर फिल्म की कहानी?- Kya hain Dhurandhar Film ki kahani?
यह कहानी ऐसी हैं की अफगानिस्तान के रास्ते से पाकिस्तानी सीमा में घुसे हमज़ा अली मज़ारी का उद्देश्य केवल घुसपैठ नहीं बल्कि जंगल में राज करना हैं, लियारी पहुँचे हमज़ा को भारतीय एंजेंट से सहायता मिलती हैं। वह खुफिया की दुनिया में सबसे घातक माने जाने वाले औजार नज़र और सब्र के साथ मिशन में जुटता हैं।

लियारी कई छोटे-बड़े गैंगों में बंटा हैं और जातीय समूहों की राजनीति यहाँ अपराध को नया रंग देती हैं। बलूच से ताल्लुक रखने वाला हमज़ा नाटकीय घटनाक्रम में रहमान डकैत के गैंग में शामिल होकर उसका विश्वासपात्र बन जाता हैं।
बलूचों के बीच सम्मानीय रहमान को स्थानीय नेता जमील जमाली का सरंक्षण प्राप्त हैं, जो चुनावी समीकरणों के लिए अपराधियों का सहारा लेता हैं। हथियाओं की सप्लाई को लेकर आइएसएस के मेज़र इकबाल से रहमान हाथ मिला लेता हैं। इन सब के दौरान हमज़ा को मुम्बई हमले की तैयारी के बारे में पता चलता हैं।
सूचना देने के बावजूद भारतीय एंजेंसी उसको रोक पाने में नाकाम रहती हैं। पहले से घायल हमज़ा और भी घातक हो जाता हैं। इस बीच वह जमील की बेटी यालिना को अपने इश्क की गिरफ्त में लेता हैं। यालिना की सहायता से हजमा अभी अपने उद्देश्य को कैसे अंजाम देता हैं। यह कहानी इसी संबंध में हैं।
जानिए तेरे इश्क में फिल्म की कहानी के बारे में।
कहानी में दिल दहलाने वाले सींस- Kahani mein dil dehlane wali scenes
करीब छह साल बाद निर्देशन में लौटे आदित्य धर द्वारा की गई रिसर्च, तैयारी और संवेदनशीलता साफ झलकती हैं। इस फिल्म में ढेर सारे किरदार हैं लेकिन उन्होंने पात्रों पर बारीकी से काम किया हुआ हैं। आदित्य ने पाकिस्तान में नकली नोट छापने का मुद्दा गहराई से उठाया हैं। पाकिस्तान में मुम्बई हमले का जश्न मनाते सीन हो या रहमान और हमज़ा के बीच आपसी लड़ाई के यह सीन तनाव पैदा करने में कामयाब रहते हैं।

मुम्बई हमले की टीवी रिपोर्टिंग देखते हुए आतंकियों का अलर्ट होना और भारतीयों को कमज़ोर कहने के दृश्य कचोटते हैं। मुम्बई हमले के दौरान हैंडलर और आतंकियों के बीच की बातचीत सुनाई गई हैं, वह दहलाती हैं।
यह फिल्म पाकिस्तानी खुफिया एंजेंसी ISI के स्थानीय गैंग के साथ साठगांठ दिखाती हैं, लेकिन मुम्बई हमले के मास्टर माइंड लश्कर-ए-तैयबा पर बात नहीं करती हैं। इस तरह पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड हेडली का जिक्र मात्र हैं, गहन जानकारी नहीं और यह अखरता हैं। इस फिल्म में हिंसा के कई दृश्य वीभत्स हैं जो आपके रोंगटें खड़े करेंगे।
आवश्यक जानकारी:- परफेक्ट फैमिली वेब सीरिज़ की कहानी के बारे में।
निष्कर्ष- Conclusion
ये हैं धुरंधर फिल्म से संबंधित जानकारियाँ हम आपसे आशा करते हैं की आपको जरुर पसंद आई होगी। इस जानकारी से आपको धुरंधर फिल्म की कहानी से संबंधित हर प्रकार की जानकारियाँ प्राप्त होंगी।
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