आगरा नहीं कमरा होना चाहिए फिल्म का शीर्षक

Vineet Bansal

आज हम आपसे चर्चा करने जा रहे हैं आगरा फिल्म के बारे में। अब हम आपसे आगरा फिल्म के बारे में बात करें तो इस हफ्ते सिनेमाघरों में एक और नई फिल्म रिलीज़ हुई हैं और इस फिल्म का नाम हैं आगरा। इस फिल्म को कनु बहल ने डायरेक्ट किया हैं, लेकिन ये फिल्म कैसी हैं और फिल्म को देखने की अगर आप तैयारी कर रहे हैं, तो आप सबसे पहले हमारा ये मूवी रिव्यू जरुर पढ़े।

आगरा शहर मोहब्बत का प्रतीक माने कहे जाने वाले ताजमहल के साथ वहाँ स्थित पागलखाने के लिए मशहूर हैं। इस फिल्म के निर्देशक कनु बहल का कहना हैं की उनकी फिल्मों के पात्र जुनूनी हैं, इसलिए कहानी का नाम आगरा रखा गया हैं। वैसे बेहतर होता की वह इस फिल्म का नाम कमरा रखते। साल 2023 में प्रतिष्ठित कान फिल्म फेस्टिवल समेत कई अन्य राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी फिल्म अब सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो चुकी हैं।

क्या हैं आगरा फिल्म की कहानी?- Kya hain Agra film ki kahani?

इस फिल्म की कहानी 24 साल के लड़के गुरु की हैं। वह लड़का मानसिक रोगी होता हैं। उसने अपनी मनगढ़त गर्लफ्रेंड बना रखी हैं। अपने खाली वक्त में एप्स पर सेक्स चैट करता हैं। वह अपने परिवार के साथ एक जीर्ण-शीर्ण घर में रहता हैं। गुरु की माँ उसके बुरे व्यवहार से हमेशा परेशान रहती हैं। पिता ने घर की दूसरी मंजिल पर अपनी दूसरी पत्नी को भी रखा हुआ हैं। छत पर गुरु अपना कमरा बनवाना चाहता हैं ताकि शादी के बाद वहाँ रह सकें। उसकी माँ अपनी डेंटिस्ट बेटी छवि के लिए क्लीनिक बनवाना चाहती हैं।

Kya hain Agra film ki kahani

एक मोड़ पर सेक्स के प्रति आसक्त गुरु अपनी बहन को निशाना बनाने का प्रयास करता हैं। डॉक्टर उसको दवा के साथ चेतावनी देते हैं। गुरु साइबर कैफे चलाने वाली विधवा और शारीरिक रुप से अक्षम प्रीति से मिलता हैं। इन दोनों में संबंध बनते हैं और शादी करना चाहते हैं। उधर गुरु के पिता का अन्य महिला के साथ गुपचुप तरीके से प्रेम प्रसंग चल रहा हैं। वह घर बेचने की तैयारी में होता हैं। इससे सब सड़क पर आ जाएंगे। आगे गुरु किस प्रकार परिवार को बेघर होने से बचाता हैं और शादी करता हैं और यह कहानी इसी संबंध में होती हैं।

जानिए दे दे प्यार दे 2 फिल्म की कहानी के बारे में।

कनु बहल और अतिका चौहान निर्देशित पारिवारिक ड्रामा- Kanu Behl aur Atika Chauhan nirdeshit parivarik drama

कनु बहल और अतिका चौहान लिखी कहानी की शुरुआत पारिवारिक ड्रामा से करते हैं। वह बैचेनी के भाव से ग्रस्त गुरु के भाव के रसातल में जाने की बेचैन कर देने वाली यात्रा पर ले जाते हैं। यही मायने में आगरा उन सब विषयों का विस्तार हैं जिन्हें कनु बहल ने अपनी पहली फिल्म तितली और अपनी लघु फिल्म बिन्नू का सपना में पहले ही तलाश किया था। इन फिल्मों में आगरा कहीं आगे जाती हैं।

Kanu Behl aur Atika Chauhan nirdeshit parivarik drama

यह गुरु की मानसिक दुर्दशा के जरिए भारत में पितृसत्ता और स्त्री-द्वेष की व्यापक वास्तविकता को प्रतिबिंधित करती हैं, जिसे पुरुष यौन विकृत्ति के चश्में में देखा जाता हैं। वहीं कुछ खामियाँ भी होती हैं। गुरु को मानसिक रोगी बताया गया हैं लेकिन बाद में लगता हैं की लेखक और निर्देशक उसकी बीमारी के बारे में भूल गए हैं।

गुरु की गिनती मानसिक हालत को कुछ बोल्ड दृश्यों के जरिए दिखाया गया हैं। सेक्स पर आधारित इस फिल्म में कुछ सेक्सी नहीं हैं। इस फिल्म में कई अतरंग दृश्य हैं। सिनेमा में इनकी बढ़त उपयोगिता चर्चा का विषय हैं। पात्रों का चित्रण अधूरा लगता हैं।

आवश्यक जानकारी:- दिल्ली क्राइम 3 वेब सीरिज़ की कहानी के बारे में।

निष्कर्ष- Conclusion

ये हैं आगरा फिल्म से संबंधित जानकारियाँ हम आपसे आशा करते हैं की आपको जरुर पसंद आई होगी। इस जानकारी से आपको आगरा फिल्म की कहानी से संबंधित हर प्रकार की जानकारियाँ प्राप्त होंगी।

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